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पश्चिम बंगाल सूचना और संचार प्रौधौगिकी नीति 2012, पश्चिम बंगाल

आईसीटी प्रोत्साहन योजना 2012

    

पश्चिम बंगाल सूचना प्रौधौगिकी और सूचना प्रौधौगिकी सक्षम सेवाओं के क्षेत्र में हमेशा से उच्च बौद्धिक पूंजी के साथ अपार क्षमता के लिए भारत के राज्यों मे से एक सबसे आकर्षक निवेश गंतब्य के रूप मे उभरा है। जबकि, पश्चिम बंगाल इस क्षेत्र में देर से शुरूआत किया और इस समय भारत के सॉफ्टवेयर कारोबार मे इसका योगदान लगभग 2.6% है कोलकाता महानगर में केन्द्रीत सॉफ्टवेयर कारोबार ने एक अनुमान के अनुसार लगभग 1,00,000  ब्यक्तियों को रोजगार दिया है। हमें एक सूनियोजित और प्रभावशाली रणनीति की जरूरत है जो बड़े आईटी कंपनियों को अतिरिक्त निवेश के लिए प्रोत्साहित कर सके, टियर द्वितीय तथा टियर तृतीय क्षेत्रो के उधोगों को बढ़ावा दें तथा छोटे और मध्यम क्षेत्रो के देशी उधमियों को पूनर्जीवित कर उनके प्रतिभा से फायदा उठाएँ। जिससे नागरिकों के एक बड़े समुदाय के सामाजिक और आर्थिक जीवन मे एक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और ई-शासन के उपाय सरकारी इलेक्ट्रानिक आपूर्ति की सुविधा प्रभावकारी होगी।

         जहाँ तक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्र का संबंध है, देश के खराब परीदृश्यों को देखते हुए एक अखिल भारती संदर्भ मे पश्चिम बंगाल की स्थिति संतोष जनक नही है। जबकी, पश्चिम बंगाल सौर उपकरणो की निर्माण मे कुछ उपस्थिती रखता है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल हार्डवेयर के विकास के क्षेत्र मे कुशल और योग्य मानव शक्ति का  उच्च क्षमता रखता है। भारत मे सेमी-कंडक्टर उद्योग का मौजूदा समय में मानव शक्ति का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम बंगाल से है।

विजन

भारत मे सूचना प्रौधौगिकी और सूचना प्रौधौगिकी सक्षम सेवाओं एवं ईएसडीएम के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने के लिए, राज्य के लोगो के दैनिक जीवन में और सूचना प्रौधौगिकी एवं सूचना प्रौधौगिकी सक्षम सेवाओं का शासन में ब्यापक उपयोग कर पश्चिम बंगाल को ज्ञान पर आधारित कल्याणकारी समाज मे बदलना होगा । 

मिशन

 1.     2020 तक सूचना प्रौधौगिकी और सूचना प्रौधौगिकी सक्षम सेवाओं एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) के कारोबार और रोजगार के दोनों क्षेत्रों मे पश्चिम बंगाल भारत के शिर्ष तीन में से एक राज्य होगा ।

 2.    2020 तक इलेक्ट्रानिक समान की उत्पादन मे पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी 15% तक बढ़ाने के लिए राज्य में निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार करना ।  

 3.  शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाने, जिससे दक्षता का पता लगाने और सहज विश्वनीय नागरिक केन्द्रीत सेवा और सूचना जनता के लिए शुरू करना ।

 4. बहुत बड़े पैमाने पर प्रौधीगिकी एकीकरण (वीएलएसआई) और चिपडिजाइन,एम्बेडेड सॉफ्टवेयर उद्योग संबन्धित क्षेत्रो के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरने के लिए पश्चिम बंगाल में प्रमुख शिक्षण और अनुसंधान संस्थान स्थित है ।

 5. ईएसडीएम क्षेत्र में कुशल जनशक्ति की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 2020 तक इस क्षेत्र में लगभग 400 पीएचडी स्नातकोत्तर शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देना ।

 6. पश्चिम बंगाल मे गुणवत्ता के आकलन के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार और अन्य राज्य सरकारॉ के साथ काम करने के लिए इलेक्ट्रानिक उत्पादों और सेवाओं तथा विकास के लिए मानक प्रमाणन अनिवार्य होगा । 

 7. राज्य में ई-कचरें के निपटान के लिए एक आवश्यक तंत्र विकसित करना ।

 नीति उजागर

1. 26 आईटी पार्क और इंक्यूबेशन केंद्र जो प्रत्येक जिले मे कम से कम एक स्थापित की जाएगी ।

2. टियर द्वितीय और टियर तृतीय शहरो एवं ग्रामीण क्षेत्रो मे आईसीटी गतिविधियो को बढ़ाने के लिए  प्रोत्साहन ।

3. अगले 5 वर्षों मे एसएमई के लिए हार्डवेयर के क्षेत्र में कम से कम 15 समूहों का निर्माण और नई हार्डवेयर इकाई की स्थापना के लिए प्रोत्साहन ।

4. राज्य मे “डिजाइन सेंटर” को प्रिमियर टेक्नोलोजी इन्स्टीट्यूट के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा ।

5. गेमिंग और एनीमेशन क्षेत्र में विशेष प्रोत्साहन के रूप मे विशेष ज़ोर दिया जाएगा ।

6. ग्रामीण आईटी बुनियादी ढांचे और ग्रामीण प्रशिक्षण पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा ।

7. स्थानीय उद्यमियों के लिए नवाचर और रचनात्मकता के लिए उधम पूंजी ।     

8. स्थानीय निर्माणकर्ता और विकासकर्ता को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का सरकारी खरीद मे वरीयता दी जाएगी ।

9. एसएमई क्षेत्र मे स्थापित कंपनियों को पट्टा किराया , बिजली बिल,भर्ती और प्रदर्शनी खर्च पर सहाता प्रदान करके प्रोत्साहित किया जाएगा ।

10.एसएमई क्षेत्र को भरने के लिए आईटी क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को बढ़ावा देना ।

11. अर्थ ब्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता की बृद्धी मे यह लाभ उठाने के लिए

 a)       आईटी का प्रयोग , कृषी, मत्स्य पालन,पशुपालन , और एसएमई सेक्टर को और अधिक विकास के       लिए बढ़ाया जाएगा ।

 b)        एक बी2बी पोर्टल हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों के स्वदेशी उत्पादों के वैश्विक विपणन के लिए       विकसित किया जाएगा ।

 

क्षेत्रो पर प्रकाश

 

       1. वित्तीय सेवाओं और आईटी क्षेत्र के विकास के लिए बैंकिंग, बीमा, इंजीनियरिंग, डिजाइन और जीवन        विज्ञान के प्रमुख उद्योग कार्य क्षेत्र पर ध्यान केन्द्रीत है ।

     2.  अगले पाँच वर्षो में एनीमेशन उद्योग 35% और गेमिंग उद्योग को 75% करने के लिए राज्य           सीएजीआर के निगरानी मे है ।

 

सॉफ्टवेयर क्षेत्र   

 

    पूंजी निवेश सब्सिडी बृद्धी आईटी इका के लिए निम्न है ।

     a)    7.5%(अधिकतम रूपया 1.5 करोड़) से 10% (अधिकतम रूपया 2.5 करोड़) ए और बी क्षेत्र के लिए  

     b)    10%( अधिकतम रूपया 2.5 करोड़) से 12% (अधिकतम रूपया 3.5 करोड़) सी क्षेत्र के लिए

     c)      15% असीमित देय 5 समान वार्षिक किस्तों में डी क्षेत्र के लिए

 

 हार्डवेयर क्षेत्र  

   पूंजी निवेश सब्सिडी

      a)     सीमा रूपया 3.5 करोड़ से बदकर रूपया 4.5 करोड़ बी क्षेत्र के लिए

       b)     नया 15% सब्सिडी शुरू रूपया 4.5 करोड़ तक  डी क्षेत्र के लिए

 

एनीमेशन और गेमिंग क्षेत्र    

 

 A.  5 समान वार्षिक किस्तों में देय रूपया 4.5 करोड़ पूंजी निवेश सब्सिडी 12% तक ए और बी श्रेणी के क्षेत्र     के लिए और 4.5 करोड़ पूंजी निवेश सब्सिडी 15% तक सी और डी क्षेत्रो के लिए ।

B.  जो आवेदक आर्थिक रूप से कमजोर या शारीरिक रूप से विकलांग हो या न्यूनतम 1वर्ष का डिप्लोमा      ट्रेनिंग किया हो, या जो शारीरिक विकलांगता के लिए चूनौती दी हो न्यूनतम 1वर्ष का डिप्लोमा ट्रेनिंग      किया हो , वह कोर्स फीस का दाम और एक कम्प्यूटर और आगे  आईटी कंपनिया कृषी क्षेत्र में 75%      तक प्रतिपूर्ति का लाभ ले सकते है अधिकतम सीमा 1.5 लाख प्रति आवेदक, अधिकतम 10 आवेदक      के लिए है ।

 एमएसएमई सेक्टर  

                   I.   एसएमई क्षेत्र मे स्थापित कंपनियों को पट्टा किराया , भर्ती , पावर बिल, भर्ती सहाता और प्रदर्शनी       शुल्क इत्यादी के लिए उधमशीलता सहाता प्रदान की जाएगी।  

                  II.     पेटेंट भरने के लिए सब्सिडी (50% दाम तक प्रतिपूर्ति होगा अधिकतम 5 लाख रूपया) एमएसएमई        क्षेत्र के आईटी कंपनियो के लिए  

                 III.    एमएसएमई क्षेत्र के आईटी कंपनियो के लिए  गुणवत्ता मे सुधार के लिए सब्सिडी (50% दाम तक        प्रतिपूर्ति ब्यय प्रमाणपत्र  प्रस्तुत करने पर अधिकतम 5 लाख रूपया)

 मेगा प्रोजेक्ट

कही भी इस योजना में निहित किसी बात के होते हुए, राज्य सरकार इस योजना के तहत मामले के आधार द्वारा एक मामले पर एक मेगा परियोजना के लिए प्रोत्साहन के लिए विशेष पैकेज पर विचार कर सकते हैं, स्थान राज्य के कला प्रौधौगिकी का परिचय कराएगा और आगे के निवेश संबन्धित गुंजाइश इत्यादी को प्रोत्साहित करेंगा ।

 भौगोलिक वर्गिकरण

 

वर्ग ए वर्ग बी वर्ग सी वर्ग डी

कोलकाता म्यूनिसिपल कार्पोरेशन, दक्षिण 24 परगना, हावडा

हूगली जिला, और सिलीगुड़ी का उप खण्ड, खड़गपुर, आ सनसोल, हलदिया, कल्याणी 

वर्धमान जिला (उप- खण्ड दुर्गापूर, असनसोल, पुरबा मेदनीपुर को छोड़कर) (उप-खण्ड हल्दिया को छोड़कर)मालदा, जलपाईगुरी, नदिया (उप- खण्ड कल्याणी, मुर्शिदाबाद)

बीरभूम, बांकुणा, पश्चिम मेदनीपुर जिला (उप-डिवीजन खड़गपुर को छोड़कर), उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, पुरूलिया ,कूचबिहार, दार्जिलिंग(उप-खंड सिलीगुड़ी को छोड़कर और जो स्थान वर्ग ए, बी और सी के अंतर्गत नही आते है

 

    अधिक जानकारी के लिए कृपया देखिए www.itewb.gov.in

 
 
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